परिचय
शिक्षा विभाग, बिहार सरकार वर्तमान में 38 जिलों में 4.87 लाख शिक्षक शिक्षिकाओं के माध्यम से लगभग 70600 प्राथमिक विद्यालय इकाई, लगभग 30000 मध्य विद्यालय इकाई एवं लगभग 5600 सेकेंडरी विद्यालयों के द्वारा प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में पढने वाले लगभग 2.4 करोड़ बच्चों के भविष्य को योजनाबद्ध तरीके गढ़ रहा है | इसके लिए विद्यालयों को भवन, कंप्यूटर, खेल-सामग्री आदि की मदद से बेहतर बनाया जा रहा है, बच्चों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय एवं प्रशिक्षण सम्बन्धी सहायता दी जा रही है एवं नवाचार तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण पर बल दिया जा रहा है |
हमें विश्वास है हरेक शिक्षक सिखा सकते हैं एवं प्रत्येक छात्र-छात्रा सीख सकते हैं|
कक्षा एवं विषय की प्रकृति के अनुसार सीखने के इस प्रयास में विद्यालय से लेकर राज्य स्तर के सभी हितधारक एवं संस्थाओं का सहयोग लेने का प्रयास जारी है | बच्चों के सीखने के लिए, शिक्षकों का लगातार पेशेवर विकास, अच्छी एवं अद्यतन सामग्री, असरकारी वर्ग कक्ष, नवाचार का प्रयोग, लगातार मूल्याङ्कन एवं मूल्याङ्कन आधारित सहयोग की जरुरत होती है | इसके लिए दीक्षा (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फार नोलेज शेयरिंग) तकनीकी के द्वारा एक मंच दे रही है जो शिक्षा विभाग एवं समाज की राय एवं सहयोग से राज्य को आगे बढाने में मदद करेगा |
विज़न
तकनीकी की मदद से शिक्षको, शैक्षिक सामग्री, वर्ग कक्ष की प्रक्रिया एवं मूल्याङ्कन को बेहतर बनाकर सभी बच्चों के उपलब्धि स्तर को ऊपर उठाना ताकि वे समाज के लिए बेहतर संसाधन बने जिससे जनसँख्या बल का फायदा उठाकर बिहार राज्य विकसित राज्य बन कर अपने प्राचीन गौरव को फिर से प्राप्त करे |
हमारा उद्देश्य
दीक्षा के माध्यम से हमारा उद्देश्य है कि;
- शिक्षकों के योगदान एवं उनकी चुनौतियों के आधार पर उनके जरुरत के अनुसार प्रशिक्षण, शिक्षण सामग्री एवं सहयोग तंत्र का विकास करना;
- शिक्षकों के जरुरत के अनुसार ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से पेशेवर क्षमता का विकास करना;
- कक्षा एवं विषय की प्रकृति के अनुसार बच्चों को सिखाने (लर्निंग आउटकम) के लिए सामग्री तैयार कर अपलोड करना;
- बच्चों की प्रभावी एवं नवाचारी तरीके से जांच के लिए जांच के तरीके, प्रश्न आदि उपलब्ध करना;
- विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गाँव से लेकर राज्य स्तर तक के संस्थाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना; एवं,
- शिक्षकों के बीच उनके विचारों एवं नवाचार के आदान प्रदान को बढ़ावा देना |

